नमस्ते दोस्तों, अगर आप UP के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक या स्कूल से जुड़े कर्मचारी हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत बड़ी राहत की है। योगी सरकार ने शिक्षकों की सेहत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शुरू की है। अब आपको बीमारी में महंगे इलाज के चक्कर में पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। पूरे परिवार को साल में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज सरकारी और जुड़े प्राइवेट अस्पतालों में मिलेगा।
इस लेख में आपको योजना की पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी – पात्रता, लाभ, आवेदन कैसे करें, जरूरी दस्तावेज और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल। सब कुछ एक जगह, ताकि आपको अलग-अलग जगह भटकना न पड़े।
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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क्या है?
ये योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अन्य कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा दी जा रही है। योजना का पूरा नाम मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना है।
इसमें आपको और आपके परिवार के सदस्यों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। मतलब अस्पताल में भर्ती होने पर बिल की चिंता बिल्कुल नहीं – सरकार खुद पेमेंट करेगी। इलाज सरकारी अस्पतालों के अलावा SACHIS से जुड़े निजी अस्पतालों में भी हो सकता है।
योजना का मुख्य उद्देश्य:
- गंभीर बीमारियों में अच्छा इलाज उपलब्ध कराना
- परिवार पर आर्थिक बोझ कम करना
- कैशलेस सिस्टम से प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना
कौन-कौन पात्र हैं? (Eligibility)
ये योजना ज्यादातर UP के बेसिक शिक्षा परिषद और संबंधित स्कूलों के लोगों के लिए है:
- बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत शिक्षक
- अनुदानित और स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षक
- शिक्षामित्र (Shiksha Mitra)
- अनुदेशक (Instructors)
- विशेष शिक्षक (CWSN)
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के वार्डन, पूर्णकालिक/अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाएं
- प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के रसोइए
- उपरोक्त सभी के आश्रित परिवार के सदस्य (पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता आदि – नियम अनुसार)
ध्यान दें: अगर आप पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना (जैसे PM-JAY या CM जन आरोग्य) का लाभ ले रहे हैं, तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
योजना के प्रमुख लाभ
- 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज प्रति परिवार प्रति वर्ष
- सरकारी + जुड़े प्राइवेट अस्पतालों में सुविधा
- परिवार के आश्रित सदस्य भी शामिल
- कोई अतिरिक्त योगदान नहीं देना पड़ता
- ई-कार्ड के जरिए आसान पहचान और इलाज
आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। आधिकारिक वेबसाइट: cmtcts.upsdc.gov.in
- वेबसाइट खोलें और “Apply for Shikshak Cashless Chikitsa Card” पर क्लिक करें।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर डालें और OTP वेरीफाई करें।
- फॉर्म में अपनी डिटेल्स भरें – विभाग, जिला, ब्लॉक, स्कूल का नाम, पद आदि।
- अपने और परिवार के आश्रित सदस्यों (dependents) की जानकारी डालें (आधार नंबर, नाम, रिश्ता आदि)।
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें। BSA/DIOS द्वारा वेरिफिकेशन के बाद SMS आएगा।
- Ayushman App या पोर्टल के जरिए E-KYC पूरा करें।
- सफल होने पर कैशलेस हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर लें।
जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड (सभी सदस्यों का)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- स्कूल/विभाग से संबंधित प्रमाण (ID, सर्विस बुक आदि)
- परिवार के सदस्यों के आधार विवरण
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: कार्ड कब तक मिल जाएगा?
जवाब: आवेदन और E-KYC पूरा होने के बाद जल्दी जनरेट हो जाता है।
सवाल: परिवार में कितने सदस्य जोड़ सकते हैं?
जवाब: पात्र आश्रित सदस्य (नियमानुसार)। फॉर्म में सभी डिटेल्स सही भरें।
सवाल: इलाज कहां-कहां उपलब्ध है?
जवाब: सरकारी अस्पतालों और SACHIS आबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में।
सवाल: अगर समस्या हो तो कहां संपर्क करें?
जवाब: अपने स्कूल के BSA ऑफिस या हेल्पलाइन से संपर्क करें। आधिकारिक पोर्टल पर भी जानकारी उपलब्ध है।
क्यों है ये योजना खास?
शिक्षक पूरे समाज का भविष्य तैयार करते हैं। उनकी सेहत अच्छी रहे, तो पढ़ाई भी बेहतर होती है। योगी सरकार का ये फैसला लाखों शिक्षक परिवारों के लिए बड़ी राहत है। पहले इलाज के नाम पर कर्ज लेना पड़ता था, अब वो चिंता खत्म।
अगर आप पात्र हैं तो जल्दी से आवेदन कर लें। देरी न करें, क्योंकि स्वास्थ्य का मामला है।
आधिकारिक वेबसाइट: Cmtcts.upsdc.gov.in अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से भी संपर्क कर सकते हैं।

कार्तिक आर्य Gharsamadhan.com के संस्थापक और लेखक हैं। वे घरेलू समाधान, सरकारी योजनाओं, लेटेस्ट न्यूज़, और सोलर व इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स से जुड़ी सरल और उपयोगी जानकारी साझा करते हैं। वे सभी लेख खुद रिसर्च करके और AI टूल्स की मदद से लिखते हैं, ताकि पाठकों को सही और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।


