Ladli Behna Yojana Rajasthan: भाइयो और बहनों, आजकल राजस्थान की हर मां-बहन के मन में एक ही सवाल घूम रहा है – राजस्थान की लाडली बहना योजना क्या है? क्या राजस्थान में भी मध्य प्रदेश जैसी लाडली बहना योजना चल रही है जिसमें हर महीने पैसे मिलते हैं? बेटी की पढ़ाई, स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता में हर मां सोच रही है कि सरकार हमारी बेटी के लिए क्या कर रही है।
दोस्तों, मैं आपको बिल्कुल सच्चाई और आसान भाषा में बताता हूं। लाडली बहना योजना असल में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार की योजना है। राजस्थान में इस नाम की कोई योजना नहीं चल रही है। लेकिन राजस्थान सरकार ने अपनी बहनों-बेटियों के लिए एक बेहतरीन योजना शुरू की है – लाडो प्रोत्साहन योजना (Laado Protsahan Yojana)। यह योजना 1 अगस्त 2024 को शुरू हुई और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सरकार ने इसे बेटियों के जन्म से 21 साल तक कुल 1.5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के लिए बनाया है।
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लाडो प्रोत्साहन योजना क्या है?
यह योजना राजस्थान सरकार की महिला एवं शिशु विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य है – बेटी के जन्म को खुशी का मौका बनाना, बाल विवाह रोकना और बेटी को जन्म से लेकर 21 साल की उम्र तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाना। योजना के तहत बेटी के जन्म पर सरकार 1,50,000 रुपये का सेविंग बांड देती है, जो 7 किस्तों में DBT के जरिए बैंक खाते में आता है। पहले यह 1 लाख रुपये थी, लेकिन 2025 में बढ़ाकर 1.5 लाख कर दी गई।
योजना किसके लिए है? (Eligibility)
- बेटी का जन्म 1 अगस्त 2024 के बाद हुआ हो।
- मां राजस्थान की स्थायी निवासी हो।
- बेटी का जन्म सरकारी अस्पताल या जननी सुरक्षा योजना (JSY) से जुड़े निजी अस्पताल में हुआ हो।
- मुख्य रूप से EWS, SC, ST, OBC और कम आय वाले परिवारों के लिए है।
पात्रता की शर्तें
- मां का राजस्थान का स्थायी निवास प्रमाण-पत्र होना चाहिए।
- बेटी का जन्म संस्थागत (hospital) डिलीवरी में हुआ हो।
- सभी टीकाकरण पूरे होने चाहिए।
- बेटी को स्कूल में नियमित दाखिला और पढ़ाई जारी रखनी होगी।
- अंतिम किस्त 21 साल की उम्र या ग्रेजुएशन पूरा होने पर मिलेगी।
जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन के समय ये दस्तावेज साथ रखें:
| दस्तावेज का नाम | क्यों जरूरी है |
|---|---|
| बेटी का जन्म प्रमाण-पत्र | जन्म की तारीख साबित करने के लिए |
| जन-आधार कार्ड / आधार कार्ड | पहचान और निवास के लिए |
| माता-पिता का बैंक पासबुक | DBT के लिए |
| निवास प्रमाण-पत्र (राजस्थान) | स्थायी निवासी साबित करने के लिए |
| अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप | संस्थागत डिलीवरी का प्रमाण |
| स्कूल दाखिला प्रमाण-पत्र (बाद में) | शिक्षा किस्तों के लिए |
| पासपोर्ट साइज फोटो | फॉर्म में लगाने के लिए |
लाडो प्रोत्साहन योजना में आवेदन कैसे करें? (Step by Step)
- ऑफलाइन आवेदन (सबसे आसान तरीका): नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत, महिला एवं शिशु विकास कार्यालय या ब्लॉक कार्यालय में जाएं। वहां फॉर्म भरें।
- प्रेग्नेंट महिला ANC चेकअप के समय भी रजिस्ट्रेशन हो सकता है।
- आवेदन के बाद: आपको पावती मिलेगी। सभी किस्तें माइलस्टोन (टीकाकरण, स्कूल दाखिला) पूरा करने पर अपने आप आती हैं।
Trusted Official Link: आधिकारिक जानकारी के लिए → MyScheme पोर्टल पर सर्च करें: Laado Protsahan Yojana
आम सवालों के जवाब (FAQs)
1. Ladli Behna Yojana Rajasthan में हर महीने पैसे मिलते हैं?
नहीं। यह मासिक योजना नहीं है। कुल 1.5 लाख रुपये 7 किस्तों में मिलते हैं।
2. पुरानी बेटियों के लिए लागू है?
मुख्य रूप से 1 अगस्त 2024 के बाद जन्मी बेटियों के लिए है, लेकिन सरकार समय-समय पर कैंप लगाकर पुरानी बेटियों को भी शामिल कर रही है।
3. ऑनलाइन आवेदन हो सकता है?
फिलहाल ऑफलाइन ही है, लेकिन भविष्य में ऑनलाइन पोर्टल शुरू होने की उम्मीद है।
4. बैंक खाता जरूरी है?
हां, माता-पिता या अभिभावक का बैंक खाता जरूरी है।
5. पहली किस्त कब मिलती है?
जन्म प्रमाण-पत्र और दस्तावेज जमा करने के 15-30 दिन में।
भाइयो और बहनों, Ladli Behna Yojana Rajasthan की तलाश में जो मां-बहन इस लेख तक पहुंची हैं, उन्हें अब सही और पूरी जानकारी मिल गई है। राजस्थान सरकार बेटी को जन्म से 21 साल तक 1.5 लाख रुपये देकर उसकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित कर रही है।
आज ही अपने गांव की आंगनवाड़ी दीदी या नजदीकी कार्यालय से संपर्क करें, फॉर्म भरें और अपनी बेटी का भविष्य चमकाएं। छोटी-छोटी बातें आज करेंगे तो कल बेटियां देश की शान बनेंगी।
आपकी बेटी पढ़े, आगे बढ़े और राजस्थान का नाम रोशन करे।

कार्तिक आर्य Gharsamadhan.com के संस्थापक और लेखक हैं। वे घरेलू समाधान, सरकारी योजनाओं, लेटेस्ट न्यूज़, और सोलर व इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स से जुड़ी सरल और उपयोगी जानकारी साझा करते हैं। वे सभी लेख खुद रिसर्च करके और AI टूल्स की मदद से लिखते हैं, ताकि पाठकों को सही और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।


